वो कमज़ोर पल !

आज रेखा पर सुबह से सफाई का भूत चढ़ा था | वैसे यह कोई नयी बात तो थी नहीं यह, भुत उसपर अक्सर चढ़ जाया करता | राज को भी ऑफिस ट्रिप से आये एक दिन हो गया था और उसने उसके सूटकेस के कपडे धोने नहीं डाले | कितनी आलसी हो गयी है वो भी ! चिढ़ सी आयी |

सूटकेस खोलकर कपडे छांटने शुरू ही किये थे कि उसे उसके फेवरिट नीले रंग की शर्ट पर कुछ लिपस्टिक के निशान जैसे लगे | पहले तो हल्के में लिया ,लगा कि कुछ और दाग होंगे | पर ध्यान से देखा तो खुद को झुठलाता हुआ कुछ भी नहीं था | पैरों के नीचे पूरी ज़मीन हिलती सी लगी | 4 साल की शादी की नींव हिल सी गयी | उसे अच्छे से याद था कि यह राज़ की वो नीली शर्ट उसे कितनी प्यारी है और उसे वो लकी भी मानता है तो जब भी उसका प्रेजेंटेशन होता वो वही पहनता था | दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था | बस शर्ट हाथ में लेकर राज़ के पास डगमगाते क़दमों से चल पड़ी|राज अपने लैपटॉप पर किसी कैलकुलेशन में इतना व्यस्त था कि उसे उसके आने का पता ही नहीं चला|

यह क्या है राज़ ? क्या तुम्हें कुछ कहना है ? थरथराती आवाज़ में उसने पूछा|

राज़ के आँखों के सामने वो काली रात घूम गयी | ऑफिस के प्रोजेक्ट के सिलसिले में उसका प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन था | हमेशा की तरह जान लगा दिया था उसने ! इस बार उसके ग्रुप में निशा भी शामिल थी ,लास्ट मिनट में उसे ग्रुप में जोड़ा गया था | लाज़िमी था कि उसका इसमें ज़्यादा योगदान नहीं था | पर इन दिनों सबकी मेहरबानी उसपर थी | देखने में कमाल की दिखने वाली निशा को ऐसे फेवर मिल जाना कोई आश्चर्य नहीं लगा उसे ! अचानक से इस नयी लड़की के फैन की संख्या में बढ़ोतरी होना थोड़ा अलग सा अनुभव ज़रूर था | हुंह उसे क्या मतलब ? ग्रुप में शालिनी रहे या निशा ,उसका प्रेजेंटेशन हमेशा की तरह प्रभावी होना ही चाहिए|

बहुत मेहनत की थी उसने और हमेशा की तरह सफलता ने उसके कदम चूमे | फिर आयी सक्सेस पार्टी और फिर बॉस के साथ देने के चक्कर में कुछ ज्यादा ही चढ़ा ली थी उसने ! अब तो बस वापस कल की फ्लाइट और उसका घर ! बस अब वो सोना चाहता था| तभी कमरे की घंटी बजी | देखा तो निशा थी | “यस ? बोलते हुए उसने दरवाज़ा खोला | क्या बात है ? अभी वो सिर्फ सोना चाहता था|

“नहीं मैं सिर्फ आपको थैंक्स बोलने आयी थी आपकी वजह से मेरा नाम भी इस सक्सेसफुल प्रोजेक्ट से जुड़ गया तो सोंचा खुद से मिलकर आपको थैंक्स बोल आऊं “इतने पास से आ रही उसकी सांसे उसे जलाने लगी |

“नहीं किसी फॉर्मेलिटी की ज़रूरत नहीं ,यह सबकी मेहनत का मिला जुला नतीजा है | ” राज़ ने शालीनता से बात टरकाने की कोशिश की |

पर अब निशा के हाथ उसके कंधे को छू रहे थे ” कम ऑन सभी जानते हैं कि जीनियस दिमाग किसके पास है और इस प्रोजेक्ट की सफलता का श्रेय किसको मिलना चाहिए | मैं तुमसे काफी इम्प्रेस हूँ ,हां हां मैं जानती हूँ कि तुम शादी शुदा हो ,मुझे तुमसे कोई कमिटमेंट चाहिए भी नहीं | पर जिस तरह तुम किसी खूबसूरती से अलग रहते हो ,जीनियस हो मैं तुम्हारे करीब आकर तुम्हे एक रात के लिए महसूस करना चाहती हूँ | तुम नहीं जानते इस ग्रुप में खुद को शामिल करने के लिए मैंने कितनी मेहनत की है ” निशा की आवाज़ में एक ज़िद थी |

यह क्या बकवास है ,निकलो यहाँ से ” राज़ ने कड़े शब्दों में उससे कहा |

नहीं तुम ऐसा नहीं कर सकते राज ! न यह अनुभव तुम्हारे लिए नया है ना मेरे लिए और फिर बस एक रात की तो बात है ” कहते हुए उसने अपने गर्म लबों को उसके लबों पर ज़बरदस्ती रख दिया | उसकी उँगलियाँ उसके ज़िस्म से खेलने लगे | न जाने फिर क्या हुआ ,उसका सारा विरोध पानी की तरह बह गया | पता नहीं क्यों वो फिर कोई विरोध नहीं कर पाया | उसकी जिस्मानी ज़रूरतों ने उसे कमज़ोर बना दिया कि नशे ने पर हाँ वो उस रात बहक गया और वो कर बैठा जो उसे नहीं करना चाहिए था |

राज़ मैं तुमसे कुछ पूछ रहीं हूँ ? रेखा की आवाज़ ने उसे हक़ीक़त में लाकर खड़ा कर दिया |

उसके हाथों को अपने हाथ में लेकर बैचैन होकर बोल पड़ा वो “बहुत बड़ी गलती हो गयी है मुझसे रेखा ,कल से कितनी बार बताने की कोशिश की पर हिम्मत न हो पाई | अपनी गलती छुपाना चाहता तो यह शर्ट वही होटल में छोड़ आता पर मैं चाहता था अगर मैं कुछ ना कह पाऊं तो मेरी यह शर्ट तुमसे बात करे ,अपनी गलती की माफ़ी चाहता हूँ तुमसे ! किसीको जिम्मेदार बनाकर अपने कर्मों से मुक्ति नहीं चाहता मैं | गलती हो गयी है मुझसे ,क्या मुझे माफ़ कर पाओगी?सारी घटना बताते बताते फफक कर रो पड़ा वो !

अपने हाथ को एक झटके में छुड़ा लिया रेखा ने ” क्या हमारा रिश्ता इतना कमज़ोर था कि एक कमज़ोर पल में खुद को संभाल नहीं सका ? क्या गारंटी है कि आगे ऐसे कमज़ोर पल तुम्हारी ज़िंदगी में नहीं आएंगे ? क्या तुम्हे पता है कई बार मेरे ज़िंदगी में ऐसे कई पल आएं पर मेरे लिए रिश्ते का भरोसा सबसे ऊपर था ,मैंने अपने कदम नहीं बहकने दिए | यही गलती मुझसे होती तो क्या तुम मुझे माफ़ कर देते ? मैं अब तुम्हारा विश्वास कैसे करूँ ? हमने यह शादी अपनी मर्ज़ी से की थी एक लम्बी कोर्टशिप के बाद ,तुमने मेरा विश्वास तोड़ दिया है मैंने नहीं | मैं अब इस रिश्ते को कोई मौका नहीं देना चाहती | नहीं मैं तुम्हे नहीं छोड़ रही ,हम इसी घर में रहेंगें अपने बिट्टू के लिए ,पर हमारे रिश्ते में पहले जैसा कुछ नहीं | मैं अपने माँ बाप के सामने अपनी पसंद से की शादी की कमज़ोर तस्वीर नहीं रखना चाहती | मैं कोशिश करुँगी कि मुझे अच्छी नौकरी मिल जाये और मैं ससम्मान अपने बच्चे के साथ तुमसे अलग हो जाऊं | तब तक इस रिश्ते की गरिमा बनाये रखो बस यही चाहूंगी तुमसे ” अपने गीली आवाज़ में बस इतना ही कह पाई उससे और उसे यूँ ही अकेले उस कमरे में छोड़ बाहर निकल आयी वो !

चार महीने बीत चुके थे | रिश्तों में ख़ामोशी पैर पसार चुकी थी | बिट्टू के सामने ओढ़ी हुई झूठी मुस्कान के वज़न के नीचे दबे जा रही थी वो !काम छोड़े हुए काफी दिन हो चुके थे उसे इसलिए ज्यादा अच्छे ऑफर उसे मिल नहीं रहे थे | रिश्ते में मिले अविश्वास ने जैसे उसकी कमर ही तोड़ दी थी |

इधर कुछ दिन से देख रही है वो कि शनिवार और रविवार की रात बिट्टू के सो जाने के बाद राज़ कमरे में बंद हो जाता | सुबह देर से दरवाज़ा खुलता उसका | कुछेक दिन नज़रअंदाज़ किया उसने पर उस शनिवार वो खुद को रोक नहीं पाई | पीछे से जाकर खिड़की ज़रा सा धकेल कर देखा तो पाया कि शराब की बोतल के साथ धुएं में खुद को फूंके जा रहा था लगातार ! दिल धक् से रह गया उसका | आज ध्यान से भी देखा उसे ,कितना कमज़ोर लग रहा था वो ! ठहाकों से घर गुंजाने वाला राज जो कभी उसे भी शांत होकर बैठने नहीं देता खामोश हो चला था |

दिमाग की अनसुनी कर आज उसने उसके कमरे का दरवाज़ा खटखटा दिया | कुछ देर में दरवाज़ा खुला सामने रेखा को पाकर राज पूछ बैठा ” क्या बात हुई ,बिट्टू ठीक है ना ? सब ठीक है ना ,लड़खड़ाते जबान से पूछ बैठा |

जल्दी जल्दी में छिपाई शराब की बोतल पलंग के नीचे से साफ साफ दीख रही थी | तड़प कर बोल उठी वो ” बिट्टू ठीक है पर तुम यह क्या कर रहे हो अपने साथ?

” मैं ,मैं तो सो रहा था ,बोलो क्या कुछ बात है ? राज़ को रेखा का अपने कमरे में आना जितना अच्छा लग रहा था वहीँ कहीं ज़ोर का डर भी लग रहा था कि जिस दिन का डर था उसे वही सच होने जा रहा है आज शायद रेखा उसे अपने जाने की खबर दे दे ” |

तो तुम अब झूठ बोलना भी सीख गए हो ? यह क्या पागलपन है ? बिस्तर के नीचे छुपाई शराब की बोतल सामने दिखा कर बोली “अब क्या चाहते हो अपनी ज़िंदगी से ? कितना गिरना चाहते हो ? आवाज़ उसकी भावुक हो चली |

रोक नहीं पाया खुद को राज ने उसके हाथ पकड़ लिए ” मुझे इस दलदल से निकाल लो रेखा ! मैं अब यह दूरी बर्दास्त नहीं कर पा रहा | तुमसे जुड़ कर कितनी तकलीफें सह जाता था | ऑफिस में आयी हर मुश्किल आसान लगती थी जब तुम्हारा प्यार भरा साथ था | लगता था कुछ मुश्किल है ही नहीं चुटकियों में सुलझा लूंगा पर अब छोटी छोटी चीज़ों में घबरा जाता हूँ ,इसे लेता हूँ तो लगता है परिस्थिति काबू में है | कहीं डूबता जा रहा हूँ मैं आज अगर तुमने साथ नहीं दिया तो पता नहीं कहाँ जाकर रुक पाउँगा | न तुम मुझे माफ़ ना करना ,मेरी गलती भी तो इतनी बड़ी है | शराब के नशे में कभी अपनी उलझने बताता मदद की गुहार लगाता कभी अपनी ग्लानि में उसे अपने से दूर रहने की सलाह देने लगता |

कशमकश में रेखा भी थी जहाँ उसका दिमाग कह रहा था कि धोखेबाज है यह इस बार पिघली तो आगे भी फिर ऐसा न दिखे गारंटी नहीं है वहीँ दिल उसे उसकी सच्चाई से फिर से परिचय करा रहा था कि कैसे भरोसे के साथ उसने 4 प्यार भरे साल गुजारे है उसके साथ ! दिमाग कह रहा था अपना रास्ता बदलो दिल कह रहा था एक मौका तो भगवान भी देता है सुधरने को ,आज अगर इसे इसके हाल पर छोड़ दिया तो उसका राज़ पता नहीं किस गर्त में फंसता जाये ,आज उसे मज़बूत होकर अपने राज को फिर से संभालना होगा | आखिर दिल ने दिमाग पर विजय पाई |

आँसुंओं से गीली हुई आवाज़ ने राज को चौंका दिया ” तुम तो बोलते थे की तुममे कई बोतलों का नशा है फिर मैं नशा क्यों करूँ ? फिर आज तुमने इसको मेरी जगह क्यूकर दी ? बोलो ? उसके सीने से लग कर फुट फुट कर रोने लगी वो | रोक तो वो भी खुद को भी नहीं पाया | एक दूसरे के आंसुओं में गीले होते रहे वो !चांदनी भी आज गीली गीली थी | शायद गीलेपन के इस बहाव में शिकवे भी बह चले थे | शराब की वो बोतल सिंक को भेंट चढ़ चुकी थी और सिगरेट के पैकेट्स डस्टबिन के !आज का सूरज एक नयी रौशनी में नहाया हुआ था और उसकी किरणों से एक नयी उम्मीद का सन्देश मिल रहा था |

मेरे विचार : बहुत बार ऐसा होता है कि गलतियां सच में बड़ी होतीं है पर जब हम उसे किसी ज़िंदगी के बिखरने के तराज़ू में तौलते हैं तो बस ख्याल आता है एक पल को गलती को एक कोने में रख कर ज़िंदगी को कुछ सांसे दे दे|कठिन तो है पर नामुमकिन नहीं !अगर कहानी पसंद आयी हो तो इसे लाइक करें और  अपना बहुमूल्य सुझाव देना ना भूलें !|2012-05-29-pic4

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