तुम हो , तो!

तुम हो ,
तो प्यार की छांव है ,
तुम हो ,
तो दुलार की पुचकार हैं |
बच्चों की चहक से घर मेरा, गुलजार हैं !

तुम हो तो ,
घर लौटने का मन करता है ,
तुम हो तो ,
रसोई में पकवान गमकता है !
बरतनों के ढक्कन खोलकर ,
झाँकने का मन करता है !

तुम हो तो ,
तुलसी चौरे पर हर शाम दिया जलता है
घर मेरा, तुमसे ही घर सा लगता है ,
तुम हो तो ,रिश्ते की डोर है ,
तुम हो तो ,जीवन की भाग दौड़ है |

तुम हो तो होली के गुलाल हैं ,
तुम हो तो ,दीपावली में दीयों
की कतार है !
तुम हो तो ,रंगोली से ,
घर मेरा सजता है ,
तुम हो तो ,त्यौहार ,
मनाने का मन करता है ,

घर मेरा, तुमसे ही घर सा लगता है |
तुमसे जुड़कर जीवन सम्पूर्ण लगता है !

 

unknown celebrity taking selfie
Photo by Ivandrei Pretorius on Pexels.com

-अमृता श्री

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